बड़वानी |
राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित 151वीं इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (IPU) असेंबली में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व किया। 19 से 23 अक्टूबर 2025 तक आयोजित हो रहे इस वैश्विक सम्मेलन में डॉ. सोलंकी ने भारत की लोकतांत्रिक साख और बच्चों के अधिकारों पर मज़बूत पक्ष रखा।
अवैध दत्तक ग्रहण पर सख्त रुख:
सम्मेलन के दूसरे दिन डॉ. सोलंकी को भारत की ओर से “Recognizing and Supporting the Victims of Illegal International Adoption and Taking Measures to Prevent this Practice” (अवैध अंतरराष्ट्रीय दत्तक ग्रहण के पीड़ितों को पहचानना और समर्थन देना) विषय पर विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि अवैध अंतरराष्ट्रीय दत्तक ग्रहण बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है और यह केवल कानूनी नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने Juvenile Justice Act, 2015 और Adoption Regulations, 2022 जैसे कानूनों के माध्यम से सुनिश्चित किया है कि प्रत्येक दत्तक प्रक्रिया पारदर्शी, विधिसम्मत और बच्चों के हित में हो। उन्होंने कहा कि भारत मानव तस्करी और शोषण के प्रति शून्य-सहनशीलता की नीति अपनाता है।
लोकतंत्र और आदिवासी गौरव:
डॉ. सोलंकी ने इस मंच पर भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को एक ‘जीवन दर्शन’ बताया, जो समानता, सह-अस्तित्व और मानवता के मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आज विश्व स्तर पर “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना के साथ कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि दिवाली के पावन अवसर पर विदेशी धरती पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलना उनके लिए व्यक्तिगत गौरव का विषय है। उन्होंने प्रधानमंत्री और भाजपा नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया कि उन्होंने आदिवासी समाज से एक प्रतिनिधि को इस वैश्विक मंच पर भारत की आवाज़ प्रस्तुत करने का अवसर दिया।
डॉ. सोलंकी ने ज़ोर दिया कि आदिवासी समाज भारत की आत्मा है, और उनका यह प्रतिनिधित्व केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि पूरे भारतीय आदिवासी समाज का सम्मान है, जो देश के विकास में विशेष योगदान देता है। उन्होंने कहा कि यह दौरा भारत के लोकतंत्र में सभी वर्गों के सशक्तिकरण का प्रतीक है।
एशिया-प्रशांत समूह की बैठक में भागीदारी:
सम्मेलन के पहले दिन, डॉ. सोलंकी ने भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ एशिया-प्रशांत समूह की महत्वपूर्ण बैठक में भी हिस्सा लिया। इस बैठक में क्षेत्रीय सहयोग, लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और पारदर्शी शासन व्यवस्था पर विचार किया गया।
प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा सांसद श्रीमती अपराजिता सारंगी, श्रीमती कमलजीत सेहरावत, डॉ. संजय जायसवाल और डॉ. सस्मित पात्रा भी शामिल थे।


