शिक्षा व्यवस्था का झोल: कसरावद के शासकीय माध्यमिक विद्यालय में एक कमरे में अध्यापन को मजबूर 66 छात्र-छात्राएं

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कसरावद (खरगोन)। अनीस खान
एक ओर जहाँ शासन-प्रशासन बच्चों की शिक्षा के लिए सुविधाओं के विस्तार का दावा करता है, वहीं नगर की शासकीय माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 1 की हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। हालत यह है कि स्कूल में बच्चों के लिए पर्याप्त बैठक व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण 60 से अधिक छात्र-छात्राएं एक ही छोटे से कमरे में एक साथ अध्यापन करने को मजबूर हैं।

एक कमरे में 66 विद्यार्थी:
जानकारी के अनुसार, शासकीय माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 1 में कक्षा सातवीं के कुल 66 बच्चे (36 लड़कियाँ और 30 लड़के) एक ही कक्ष में पढ़ाई कर रहे हैं। पूरे विद्यालय में छठी, सातवीं और आठवीं कक्षाओं को मिलाकर कुल 133 बच्चे नामांकित हैं। कक्षा सातवीं में एक छोटे से कमरे में इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का बैठना, खासकर लड़कों और लड़कियों का साथ में बैठना, शैक्षणिक माहौल और मर्यादा के अनुरूप नहीं है।
यह गंभीर अव्यवस्था स्थानीय जन प्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता को दर्शाती है। स्कूली बच्चों को इस असुविधा से जूझना पड़ रहा है, लेकिन किसी का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है।

बीईओ ने कहा- तत्काल व्यवस्था सुधारेंगे:
मामले को लेकर जब बीईओ (ब्लाक एजुकेशन ऑफिसर) बी.एस. निंगवाल से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी आपके माध्यम से मिली है।

बीईओ निंगवाल ने स्वीकार किया कि स्कूल भवन छोटा और पुराना है। उन्होंने कहा कि “एक कक्ष में अधिक संख्या में बच्चे बैठ रहे हैं, तो तत्काल सम्बंधित संकुल प्राचार्य को मौके पर भेजकर व्यवस्था सुधारने के लिए कहा गया है।” साथ ही, उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जल्द ही नए स्कूल भवन के लिए प्रस्ताव भी भेजा जाएगा।